शनि तुला प्रवेश राशिफल विचार फ्यूचर समाचारसूर्य पुत्र शनि का 15 नवंबर 2011 को तुला राशि में प्रवेश होगा। 12 राशियों पर शनि का अपनी उच्च राशि में जाना क्या प्रभाव पड़ेगा।... और पढ़ेंज्योतिषवास्तुनवेम्बर 2011व्यूस: 9835
भौतिक समृद्धि प्राप्त करने का एक प्रचंड उपाय कुबेर यंत्र फ्यूचर समाचारहमारे पुराणों के अनुसार राजाधिराज धनाध्यक्ष कुबेर समस्त यक्षों, गंधर्वों और किन्नरों इन तीन देवयोनियों के अधिपति कहे गए हैं। ये नवनिधियों- पदम, महापदम, शंख, मकर, कच्छप, मुकुंद, कुंद, नील और खर्व के स्वामी है। हमारे पुराणों के अनुस... और पढ़ेंवास्तुअकतूबर 2011व्यूस: 20616
वास्तु के विविध आयाम फ्यूचर समाचारवास्तु शब्द “ वास” शब्द से बना है जिसका अर्थ है “ रहना” अर्थात जिस स्थान पर जीव वास करता है उसी स्थान को वास्तु खाते है। घर, भवन, इमारतें आदि सभी वास्तु कहलाते है। वास्तुशास्त्र वेदांग है। यह वेदों का अभिन्न अंग है। वास्तुशास्त्र ... और पढ़ेंवास्तुदिसम्बर 2006व्यूस: 8313
घर वास्तुसम्मत न हो तो क्या हो उपाय फ्यूचर समाचारयह स्थान अग्नि देव का है और इसका ग्रह शुक्र है। इस स्थान पर जल का होना उचित नहीं माना गया हैं क्योकिं दोनों तत्व विरोधी गुण वाले व् एक दूसरे के शत्रु है। इस स्थान पर पानी रखने से अग्नि भय, गृह कलह, धनकक्ष, महिलाओं को कष्ट अथवा उनक... और पढ़ेंवास्तुदिसम्बर 2006व्यूस: 9858
वास्तु दोष से बढता है कर्ज फ्यूचर समाचारकितने ही घरों के चूल्हे कर्ज के कारण नहीं जलते है और कर्ज की वजह से ही अनेक लोग मजबूर होकर पूरे परिवार सहित आत्महत्या तक कर बैठते है। यह स्थिति अन्य कारणों के अलावा वास्तु दोष के कारण भी उत्पन्न हो सकती है। अगर वास्तु दोष को दूर क... और पढ़ेंवास्तुदिसम्बर 2006व्यूस: 11775
वास्तु और आपकी सेहत सेवाराम जयपुरियाघर की सार्थकता तभी है जब वहां निवास करने वाले लोगों की सेहत अच्छी रहे। हवादार व सूर्य की रोशनी से युक्त एक अच्छे घर में रहने की चाह सभी की होती है वास्तुदोष के कारण गृहस्वामी एवं परिवार के लोग स्वास्थ्य सुख से वंचित रह जाते हैं... और पढ़ेंवास्तुस्वास्थ्यवास्तु परामर्शवास्तु के सुझावभविष्यवाणी तकनीकदिसम्बर 2006व्यूस: 6595
अध्ययन कक्ष कैसा हो? दयानंद शास्त्रीअध्ययन की एकाग्रता ही विद्यार्थी को अपने लक्ष्य तक ले जाती है। आज विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दिन-रात एक कर पढ़ाई करते हैं, ऐसे में उनका कक्ष यदि वास्तु सिद्धांतों के अनुरूप बना हो और वहां का वातावरण खुशनुमा हो तो मस्त... और पढ़ेंवास्तुवास्तु परामर्शवास्तु पुरुष एवं दिशाएंवास्तु दोष निवारणवास्तु के सुझावदिसम्बर 2006व्यूस: 7697
अध्ययन कक्ष कैसा हो फ्यूचर समाचारवास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व, उतर एवं ईशान दिशाएं ज्ञानवर्धक दिशाएं कहलाती हैं, अत: अध्ययन उतर-पूर्व या ईशान दिशा की और मुंह करके करना चाहिए। यदि किसी कारणवश अध्ययन कक्ष पश्चिम दिशा में भी हो, तो पढते समय मुंह उपर्युक्त दिशाओं क... और पढ़ेंवास्तुदिसम्बर 2006व्यूस: 7870
भवन निर्माण पूर्व आवश्यक है भूमि परिक्षण फ्यूचर समाचारकिसी भी भूखंड पर भवन निर्माण से पूर्व उसकी मिटटी का परिक्षण भलीभांति कर लेना चाहिए। क्योंकि उस भवन का आधार वहीँ भूखंड होता है। भवन का आधार दोषरहित होना चाहिए अन्यथा भवन दोषरहित होना चाहिए। अन्यथा भवन में वास्तुदोष पैदा हो... और पढ़ेंवास्तुदिसम्बर 2006व्यूस: 9492
दिल्ली में सीलिंग : वास्तु एवं ज्योतिषीय विश्लेषण फ्यूचर समाचारदेश की राजधानी दिल्ली में वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क में एक ही प्रश्न बार-बार कौंध रहा है। की सीलिंग का क्या होगा? क्या यह सीलिंग इसी तरह से लगातार चलती रहेगी, या कुछ समय पश्चात रुक जाएगी, या इसका कुछ समाधान निकल... और पढ़ेंवास्तुदिसम्बर 2006व्यूस: 8149
वशिष्ठ संहिता के अनुसर अध्ययन कक्ष पश्चिम में प्रशस्त क्यों फ्यूचर समाचारमनुष्य के जीवन में अध्ययन का विशेष महत्व है। अध्ययन की विशेषता यह है की यह बुद्धि के कोष के ज्ञान से युक्त करता है। ज्ञान व्यक्ति को सद एवं असद में में जो भिन्नता है उससे परिचित कराता है। वास्तुशास्त्र के आर्षग्रंथों में वृहत संहि... और पढ़ेंवास्तुनवेम्बर 2006व्यूस: 9438
परिवार के मुखिया का शयन कक्ष दक्षिण में क्यों फ्यूचर समाचारब्रह्माण्ड का संचालन करने वाली प्रकृति अपने उदयकाल से एकर आजतक एक अनुशासनबद्ध तरीके से गतिमान है। इसी प्रकार की अनुशासित दिनचर्या वैदिक ऋषियों ने मनुष्य के लिए बनाई थी, जिसमें प्रात: काल जगाने से लेकर सोने तक का समय निर्धारित किया... और पढ़ेंवास्तुअकतूबर 2006व्यूस: 6456