लग्नानुसार रत्न चयन प्रियंका जैनभारतीय ज्योतिषशास्त्र के फलित स्कन्ध के विकास के मूल आधार के रूप में महर्षि पराशर के सिद्ध ान्त के योगदान को एकमत से स्वीकार किया गया है। फलित ज्योतिषशास्त्र के प्रत्येक महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त के विषय में महर्षि पराशर के वि... और पढ़ेंज्योतिषउपायरत्नभविष्यवाणी तकनीकजुलाई 2016व्यूस: 8199
रत्न धारण विधि आर. डी. सिंहहर व्यक्ति अपनी कुंडली के अनुसार रत्न पहन कर मनोवांछित लाभ प्राप्त कर सकता है बशर्ते कि रत्न असली हो और उसे शास्त्रों के नियमों के अनुसार धारण किया गया हो। इसके विपरीत अगर रत्न असली हो और ़उसे नियम के अनुसार धारण न किया गया हो ... और पढ़ेंज्योतिषउपायरत्नजुलाई 2016व्यूस: 11828
किसका बजेगा डंका लोक सभा 2014 के चुनाव में नीरज पाण्डे ‘दादा’भारत देश के दो प्रमुख राजनैतिक दल हैं जो देश में 2014 के लोक सभा चुनाव में मुख्य भूमिका निभायेंगे। ये दल हं-1 कांग्रेस 2. भारतीय जनता पार्टी। कांग्रेस व भाजपा अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ गठजोड़ कर चुनाव लड़कर सरकार बनाते हैं। 2014 के... और पढ़ेंज्योतिषरत्नवशीकरणअप्रैल 2014व्यूस: 9345
रत्नों का महत्व जयंत पांडेयज्योतिष शास्त्र में, ग्रह शांति हेतु एवं ग्रहों के प्रभाव को बढ़ाने में रत्न का बहुत महत्व है। सभी यह जानते हैं कि रत्न धारण करना चाहिए। रत्न धारण करने से लाभ अवश्य होता है, परंतु यह पता नहीं होता कि किसे कौन सा रत्न धारण करना चाहि... और पढ़ेंज्योतिषउपायरत्नजनवरी 2004व्यूस: 9310
लाल किताब एवं रत्न चयन गोपाल राजूकिसी कुंडली में ग्रह यदि बलवान हों, लाल किताब की भाषा में कहें तो यदि वे अपने पक्के घरों में स्थित हों, तो उनसे संबंधित रत्न चयन किया जा सकता है। लाल किताब सदैव उच्च अर्थात शतप्रतिशत शक्तिशाली ग्रहों के रत्न धारण करने पर बल... और पढ़ेंज्योतिषरत्नलाल किताबफ़रवरी 2006व्यूस: 11984
रत्न विज्ञान अर्जुन कुमार गर्गइस लेख में रत्नों की पहचान, रत्न धारण के लाभ, विधि तथा उन ज्योतिषीय नियमों की समीक्षा की गई है जिनके आधार पर रत्न धारण किया जाना चाहिए।... और पढ़ेंज्योतिषउपायरत्नमंत्रजुलाई 2008व्यूस: 7649
ज्योतिष में विभिन्न उपायों का फल डॉ. अरुण बंसलसर्व ग्रहों की शांति हेतु सर्वग्रह निवारण तंत्र की स्थापना यदि घर या कार्यस्थल में कर ली जाए तो व्यक्ति को ग्रह जनित पीड़ा से मुक्ति व मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। सर्वग्रह तंत्र साधना का विधि विधान इस लेख द्वारा प्रस्तुत है।... और पढ़ेंज्योतिषउपायरत्नभविष्यवाणी तकनीकयंत्रमंत्रसितम्बर 2010व्यूस: 15248
रत्न धारण से रोगों का निदान के. के. निगमविज्ञान ने भी सिद्ध किया है कि मानव शरीर का निर्माण कई धातुओं के संयोग से हुआ है और सारी सृष्टि की अन्य सभी वस्तुओं का निर्माण भी इसी प्रकार हुआ है। इसी प्रकार रत्न भी इन्हीं धातुओं के मेल से प्रकृति के गर्भ में निर्मित होते ह... और पढ़ेंज्योतिषउपायस्वास्थ्यरत्नमई 2014व्यूस: 12631
रत्न धारण का समुचित आधार जय इंदर मलिकजो ग्रह पत्रिका में शुभ एवं कारक है अथवा जिस ग्रह की दशा चल रही हो और वह शुभ प्रभाव देने वाला है वही रत्न धारण करें। यदि वह लग्नेश या राशीश हो तो उसे जरूर धारण करें। यदि अशुभ ग्रह की दशा चल रही हो तो उसकी प्रत्यंतर द... और पढ़ेंज्योतिषउपायस्वास्थ्यरत्नमई 2014व्यूस: 14802
जीवन में स्वास्थ्य और मधुरता हेतु अंबर किडनी स्टोन और ओपल विनय गर्गरत्न और उपरत्न हमें सुख, शांति, समृद्धि देने के साथ-साथ ग्रहों के अनिष्ट प्रभावों के निवारण में भी सहायता करते हैं। प्रस्तुत है ऐसे ही कुछ चमत्कारी रत्नों का वर्णन ....... और पढ़ेंउपायस्वास्थ्यरत्नफ़रवरी 2010व्यूस: 28068
विद्या बाधा मुक्ति के सरल उपाय डॉ. अरुण बंसलविद्यार्थियों को अक्सर स्मरण न रहने की शिकायत रहती है। पढ़ने में ध्यान न लगना, मेहनत के बावजूद वांछित फल न मिलना, पाठ भूल जाना, परीक्षा का भय सताना आदि अनेक ऐसे व्यवधान हैं... और पढ़ेंउपायदेवी और देवरत्नरूद्राक्षशिक्षायंत्रमंत्रफ़रवरी 2010व्यूस: 12765
टाइगर आइ (बाघमणि) फ्यूचर पाॅइन्टचर समाचार के इस अंक के साथ उपरत्न टाइगर आइ दिया जा रहा है। यह उपरत्न अत्यधिक लोकप्रिय है। इसे बाघमणि, व्याघ्राक्ष, चित्ती, चीता, टाइगर, टाइगर-आइ, दरियाई-लहसुनिया आदि अनेक नामों से जाना जाता है।... और पढ़ेंज्योतिषरत्नभविष्यवाणी तकनीकफ़रवरी 2006व्यूस: 21907