बिना सुरति राम नहीं मिलते

मीरा भी लोगों को गुमराही मालूम होती थी। जिन्होंने भी पाया है परमात्मा को, उनकी राह सभी को गुमराह मालूम होती है। स्वाभाविक यहां करोड़ों लोग धन के पीछे दौड़ रहे हैं। जब कोई एकाध व्यक्ति परम धन के पीछे दौड़ता है तो निश्चित उसकी र... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

जून 2006

व्यूस: 4238

श्री हरिहर क्षेत्र

श्री हरिहर क्षेत्र

राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’

असंख्य देवी देवताओं को समर्पित और सनातन धर्म के दीपक को जलाने वाले सैकड़ों ऋषि-मुनियों से सेवित ब्रह्म स्वरूप भारतवर्ष में देव श्री विष्णु और देवाधिदेव श्री महादेव द्वय प्रकाशवान चक्षु के समान हैं जिनके पूजन-अर्चन व लीलाव... और पढ़ें

देवी और देवमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

अप्रैल 2017

व्यूस: 5502

कर्म का धर्म

कर्म का धर्म

आलोक त्रिपाठी

यदि हम अपने आस-पास देखें तो प्रतिपल प्रत्येक व्यक्ति, पशु-पक्षीे व जीव-जन्तु को कोई न कोई कार्य करते हुए अथवा उसको करने की योजना बनाते हुये देखते हैं। वास्तव में ये सभी प्रक्रियाएं कर्म कहलाती हैं जो शारीरिक, वाचिक व मानसि... और पढ़ें

देवी और देवविविध

आगस्त 2016

व्यूस: 4915

अति सुंदर प्रख्यात वैष्णव देवालय

अति सुंदर प्रख्यात वैष्णव देवालय

राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’

भारत देश मंदिरों की प्रख्यात धरती है जहां उŸार से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक मंदिरों का समृद्ध साम्राज्य कायम है। इन्हीं में सुदूर केरल राज्य की राजधानी त्रिरुअनन्तपुरम में विराजमान पùनाभ स्वामी मंदिर का अपना व... और पढ़ें

देवी और देवमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

नवेम्बर 2015

व्यूस: 4120

महाशिवरात्रि व्रत का आध्यात्मिक महत्व

महाशिवरात्रि व्रत प्रतिवर्ष भूतभावन सदाशिव महाकालेश्वर भगवान शंकर के प्रसन्नार्थ और स्वलाभार्थ फाल्गुन, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को किया जाता है। इसको प्रतिवर्ष ‘नित्य’ और कामना से करने से यह ‘काम्य’ होता है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी क... और पढ़ें

देवी और देवमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

फ़रवरी 2017

व्यूस: 5050

आदतों का पुतला है आदमी

आदतों का पुतला है आदमी

फ्यूचर पाॅइन्ट

मीरा कहती है - मैं चकित हूं कि परमात्मा सोने के प्याले में अमृत भरे लिए बैठा है ! मैं चकित हूं। होना तो यही चाहिए कि कोई भी इसे इनकार न करे। कौन इसे नटे ! लेकिन लोग नट रहे हैं। लोग अपनी-अपनी नालियों की तरफ सरक रहे हैं। वे क... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

जुलाई 2006

व्यूस: 4241

भीड़ का सच

भीड़ का सच

फ्यूचर पाॅइन्ट

एक बात सदा ध्यान में रखना- जो आमतौर से समझा जाता है, वह आमतौर से गलत होता है। भीड़ के पास सत्य नहीं है - कभी नहीं रहा। सत्य सदा व्यक्तियों में घटता है- और उनमें ही घटता है, जो अपूर्व रूप से अपनी पात्रता निर्मित करते हैं। विर... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

सितम्बर 2006

व्यूस: 4490

दीपदान महादान

दीपदान महादान

अंजली गिरधर

किसी भी पूजा, साधना को संपन्न करना बिना दीप प्रज्ज्वलन के हम सोच भी नहीं सकते। पूजन का मुख्य उद्देश्य मन को शांति प्रदान करना होता है, अपना ध्यान एकाग्र करना होता है। वेदों में अग्नि को देवता स्वरूप माना गया है क्योंकि यह पं... और पढ़ें

देवी और देवअन्य पराविद्याएंपर्व/व्रत

अकतूबर 2017

व्यूस: 6628

मरने से पहले की सोच

मरने से पहले की सोच

फ्यूचर पाॅइन्ट

मेरे पास लोग आते हैं। वे कहते हैं - हमें संन्यास लेना है; लेकिन जरा बेटी की शादी हो जाए; क्योंकि अगर शादी न हुई और हमने संन्यास ले लिया तो अड़चनें आ जाएंगी, शादी करना मुश्किल हो जाएगा। और किसी तरह खोज भी लिया वर तो बारात में ... और पढ़ें

देवी और देवविविध

अकतूबर 2006

व्यूस: 4819

रंभा या रमा एकादषी व्रत

रंभा या रमा एकादषी व्रत

ब्रजकिशोर शर्मा ‘ब्रजवासी’

रमा एकादषी व्रत कार्तिक मास कृष्णपक्ष एकादशी को किया जाता है। जो मनुष्य एकादशी व्रत करना चाहे, वह दशमी को शुद्ध चित्त होकर दिन के आठवें भाग में सूर्य का प्रकाश रहने पर भोजन करे। रात्रि में भोजन न करे। दशमी को कांस्य पात्र म... और पढ़ें

देवी और देवपर्व/व्रत

अकतूबर 2006

व्यूस: 4801

पितृ कौन, उनकी पूजा आवश्यक क्यों

माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ी पूजा माना गया है। जो जीवन रहते उनकी सेवा नहीं कर पाते, उनके देहावसान के बाद बहुत पछताते हैं। इसीलिए हिंदू धर्म शास्त्रों में पितरों का उद्धार करने के लिए पुत्र की अनिवार्यता मानी गई है।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिभविष्यवाणी तकनीक

सितम्बर 2006

व्यूस: 4391

इंद्रियों को परिशुद्ध करो

जो इंद्रियों को दबाने में लग जाता है, वह समाज के लिए सहयोगी हो जाता है, वह दूसरों को नहीं दबाता। नहीं तो वह दूसरों को दबाएगा। दबाने का कहीं उसे रस है तो दबाने का रस वह निकालेगा। अगर अपने को दबाने लगे तो समाज सुविधा में हो जाता... और पढ़ें

देवी और देवविविध

दिसम्बर 2006

व्यूस: 4438

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

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